पहले चला कयासों का दौर, लेकिन फिर भी नहीं मिली योगी कैबिनेट में इस महिला नेता को जगह

प्रयागराज : पूजा पाल प्रयागराज की चर्चित नेता हैं। वह बसपा से राजनीति में उभरीं और बाद में सपा से भी जुड़ी रहीं। उनके पति राजू पाल की हत्या के बाद वह प्रदेश की राजनीति में बड़ा चेहरा बनकर उभरीं। राजू पाल हत्याकांड ने प्रयागराज की राजनीति को लंबे समय तक प्रभावित किया। उसी संघर्ष की पृष्ठभूमि से पूजा पाल ने अपनी राजनीतिक पहचान बनाई।
पूजा पाल को मंत्रिमंडल में जगह मिलने के कयास लगाए जा रहे थे। माना जा रहा था कि ऐसा कर बीजेपी पिछड़ा वर्ग, खासकर पाल समाज को साधने की कोशिश करेगी। दरअसल पूजा पाल का प्रयागराज और आसपास के इलाकों में उनका मजबूत जनाधार माना जाता है। भाजपा लंबे समय से गैर-यादव ओबीसी और गैर-जाटव दलित वोट बैंक को अपने साथ जोड़े रखने की रणनीति पर काम कर रही है। पूजा पाल उसी रणनीति का अहम हिस्सा बन सकती थीं। सियासत की दुनिया में सक्रिय होने से पहले पूजा पाल ने अपनी पढ़ाई पूरी की। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पूजा पाल ने अपनी स्कूली पढ़ाई NIOS से की है। उन्होंने उच्च शिक्षा स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय मेरठ से ली है। उनके पिता का नाम अमृत लाल पाल है। पढ़ाई के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और अपने पति की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।






