विकसित भारत जीरामजी मिशन से गांवों में आई नई उम्मीद

125 दिनों की रोजगार गारंटी से आत्मनिर्भर गांव की ओर बढ़ते कदम
रायपुर , 07 जुलाई 2026: ग्रामीण परिवारों को अधिक रोजगार, बेहतर आय और आत्मनिर्भर जीवन का मजबूत आधार देने के उद्देश्य से प्रारंभ किए गए विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (जी राम जी) ने गांवों में नई उम्मीदों का संचार किया है। रोजगार के दिनों में वृद्धि, मजदूरी दर में बढ़ोतरी और ग्राम स्तर पर विकास कार्यों को प्राथमिकता मिलने से ग्रामीणों में उत्साह का वातावरण है। इसी कड़ी में मुंगेली विकासखंड के ग्राम कोदवाबानी की निवासी कविता राजपूत ने इस योजना को ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा के तहत वर्ष में केवल 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध होता था, जिससे कई बार परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करना कठिन हो जाता था। अब जी राम जी मिशन के तहत रोजगार की अवधि बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है और मजदूरी दर भी बढ़ाई गई है। इससे ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आय का सहारा मिलेगा और आर्थिक स्थिति पहले से अधिक मजबूत होगी।
कविता राजपूत ने कहा कि अब गांव में ही अधिक समय तक रोजगार मिलने से बाहर पलायन की आवश्यकता कम होगी। अतिरिक्त आय से बच्चों की पढ़ाई, परिवार की दैनिक जरूरतों और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करना आसान होगा। इससे ग्रामीण परिवार आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकेंगे। यह मिशन केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों के समग्र विकास की मजबूत नींव भी रखेगा। योजना के तहत जल संरक्षण, जल सुरक्षा, ग्रामीण सड़क निर्माण, आधारभूत अधोसंरचना विकास, कृषि एवं आजीविका परिसंपत्तियों के निर्माण तथा जलवायु अनुकूल विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि विकास कार्यों का चयन ग्राम पंचायत और ग्राम सभा की सहभागिता से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप किया जाएगा। इससे गांव की जरूरतों के अनुसार विकास कार्य होंगे और योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंचेगा। कविता राजपूत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मिशन ग्रामीण परिवारों के लिए नई आशा लेकर आया है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, आय में वृद्धि होगी और गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।






