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मिशन 2028 में जुटे सीएम साय, भरोसेमंद अधिकारियों को सौंपा टास्क…

रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा चुनाव 2028 के नजरिए से प्रशासनिक कसावट लानी शुरू कर दी है. इसकी शुरुआत उन्होंने सीएम सचिवालय के अपने भरोसेमंद अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी देकर की है. सीएम साय के निर्देश पर सीएम सचिवालय के अधिकारियों के बीच न सिर्फ काम का बंटवारा किया गया है बल्कि उन्हें दी गई जिम्मेदारी के लिए पूरा फ्री हैंड दिया गया है. वह जिन विभागों और संभाग के नोडल अधिकारी नियुक्त हुए हैं, उस विभाग से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन पर कलेक्टर से सीधे रिपोर्ट तलब कर सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक इन नोडल अधिकारियों के रिपोर्ट के आधार पर सीएम सचिवालय अफसरों को फील्ड में बड़ी जिम्मेदारी देने या हटाने पर भी विचार करेगा. इससे सीएम सचिवालय और अन्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय भी होगा.

स्वास्थ्य और पीडब्ल्यूडी की बिगड़ी सेहत सुधारेंगे दयानंद

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सचिव पी दयानंद को लोक निर्माण विभाग (PWD), स्वास्थ्य विभाग और मुख्यमंत्री राहत कोष से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी दी गई है. स्वास्थ्य सेवाओं और अधोसंरचना विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषय अब उनके अधिकार क्षेत्र में रहेंगे. यहां उल्लेखनीय हैं कि स्वास्थ्य विभाग को लेकर काफी शिकायतें आती रही हैं वहीं सड़कों गुणवत्ता पर सवालों में रही है. ऐसे में सीएम साय आम आदमी से जुड़े दोनों ही विभागों में बेहतर क्रियान्वयन देखना चाहते हैं.

जानिए क्यों बढ़ा रजत बंसल का कद ?

मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल ने बहुत ही कम समय में सीएम सचिवालय में अपने काम से विशेष छाप छोड़ी है. यही वजह है कि साय सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी अभियान सुशासन तिहार का उन्हें जिम्मा सौंपा गया है. एक ओर जहां अधिकारियों को लेकर शिकायत रहती है कि वह फील्ड में कम निकलते हैं वहीं रजत बसंल सीएम के साथ लगातार सुशासन तिहार के दौरान उनके साथ रहते हैं. वह सीएम के दौरे से जुड़ी हर प्लानिंग का हिस्सा होते हैं. सुशासन तिहार का जिम्मा रजत बसंल को सौंपे जाने से एक बात और तय हो गई है कि सुशासन तिहार को सरकार गुड गवर्नेंस के एक बड़े अभियान के रूप में अपनी ताकत बनाने जा रही है. इसे छत्तीसगढ़ की साय सरकार जनभागीदारी से विकास के बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में मॉडल मुहिम के रूप में आगे बढ़ाएगी. यहां उल्लेखनीय है कि विपक्ष के साथ ही पार्टी में कुछ नेता पार्टी लाइन से बाहर जाकर सुशासन तिहार को डिरेल करने की पूरी कोशिश करते नजर आए हैं. वहीं रजत बसंल शिक्षा और शिक्षा का अधिकार (RTE) से जुड़े मामलों की निगरानी भी करेंगे. खास बात यह है कि रजत बंसल जनसंपर्क आयुक्त एवं संवाद के सीईओ के रूप में पहले ही सरकार के फेस जनसंपर्क विभाग का जिम्मा संभाल रहे हैं. वहीं उनके पास खनिज विभाग के संचालक एवं सीएमडीसी में निदेशक की जिम्मेदारी है.

राहुल भगत कानून व्यवस्था पर बढ़ाएंगे निगरानी

मुख्यमंत्री सचिवालय में राहुल भगत को गृह, परिवहन, पर्यटन और समाज कल्याण विभागों का दायित्व सौंपा गया है. कानून-व्यवस्था, पर्यटन विकास और सामाजिक योजनाओं के क्रियान्वयन पर उनकी विशेष निगरानी रहेगी.

सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए विभिन्न संभागों के लिए नोडल अधिकारियों की भी नियुक्ति की है. माना जा रहा है कि इस नए कार्य विभाजन से मुख्यमंत्री सचिवालय की कार्यक्षमता बढ़ेगी और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा. इससे योजनाओं की निगरानी और उनके क्रियान्वयन में भी तेजी आने की उम्मीद है.

पहली बार संभागवार नोडल अधिकारी नियुक्त कर सीएम सचिवालय ने अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है कि अब जमीन पर योजनाओं का क्रियान्वयन न सिर्फ तेज गति से दिखना चाहिए बल्कि गुणात्मक बदलाव भी नजर आए. इसी क्रम में रायपुर संभाग की जिम्मेदारी जहां मुकेश बंसल को सौंपी गई है वहीं बिलासपुर में कलेक्टर रह चुके पी दयानंद को संभाग की जिम्मेदारी दी गई है. सीएम के गृह संभाग की जिम्मेदारी रजत बंसल को सौंपकर सीएम ने उन पर अपना भरोसा जताया है. इसी तरह रणनीतिक रूप से सबसे अहम बस्तर की जिम्मेदारी अनुभवी आईपीएस राहुत भगत को सौंपी गई है. वहीं प्रभात मलिक दुर्ग संभाग में योजनाओं की मॉनिटरिंग करेंगे.

विभागों से जुड़ी योजनाओं की मॉनिटरिंग करेंगे नोडल अधिकारी

विभाग के अनुसार बात करें तो मुख्यमंत्री के सचिव सुबोध सिंह के पास पीएमओ, राष्ट्रपति भवन, नीति आयोग, मंत्रिपरिषद समन्वय तथा सीएम की विशेष परियोजनाओं की जिम्मेदारी रहेगी. मुकेश बंसल कृषि, खाद्य, ऊर्जा, आबकारी समेत कई विभागों की निगरानी करेंगे. मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत को गृह, परिवहन, पर्यटन, खेल, महिला व बाल विकास सहित कई अहम विभागों की जिम्मेदारी मिली है. विशेष सचिव रजत बंसल सुशासन तिहार, RTI और पंचायत, शिक्षा, आवास विभाग संभालेंगे. संयुक्त सचिव प्रभात मलिक को जनदर्शन, शिकायत निवारण, राजस्व, नगरीय प्रशासन और IT विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. 

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