जानिए कौन है मुंबई की नई बॉस अश्विनी, बीएमसी कमिश्नर बनीं

मुंबई : आखिरकार मुंबई बीएमसी को नया बॉस मिल ही गया। सीनियर आईएएस अश्विनी भिडे को बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) का कमिश्नर नियुक्त किया गया है. महाराष्ट्र में बीएमसी का कमिश्नर एक बड़ा ही ताकतवर पद माना जाता है। बताया जा रहा है कि 160 साल में पहली बार किसी महिला को इस पद की जिम्मेदारी मिली है. उन्होंने इस पद पर भूषण गगरानी की जगह ली है.
अश्विनी भिडे के नवाचार और प्रशासनिक कौशल के मशहूर उद्योगपति आनंद महिंद्रा भी प्रशंसक हैं। उन्होंने उन्हें ‘गेम चेंजर’ बताते हुए कहा कि वह मुश्किल परिस्थितियों में भी बेहतरीन काम करने के लिए जानी जाती हैं. महिंद्रा ने लिखा, कि मुंबई जैसे चुनौतीपूर्ण शहर में बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करना आसान नहीं होता, लेकिन अश्विनी भिडे ने यह करके दिखाया है. अश्विनी भिडे 1995 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं और उन्हें ‘मेट्रो वुमन ऑफ मुंबई’ के नाम से भी जाना जाता है. उन्होंने मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MMRC) में काम करते हुए मुंबई मेट्रो लाइन-3 (एक्वा लाइन) जैसे बड़े प्रोजेक्ट में अहम भूमिका निभाई है. अब उनके सामने मुंबई की सबसे बड़ी नगर निकाय बीएमसी की आर्थिक सेहत को ठीक करने की जिम्मेदारी होगी, जो देश की सबसे अमीर और ताकतवर नगरपालिकाओं में से एक है. लोगों को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशासनिक कामकाज में तेजी और कसावट आएगी।
1995 बैच के आईएएस इस समय केंद्र और राज्यों में कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस गौरव द्विवेदी प्रसार भारती में सीईओ के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मनेंद्र कौर द्विवेदी अतिरिक्त सचिव कृषि हैं। इसी साल उत्तरप्रदेश की योगी सरकार ने 1995 बैच के पांच आईएएस अधिकारियों को अपर मुख्य सचिव (एसीएस) के पद पर प्रमोशन दिया गया है। प्रमोशन पाने वालों में डॉ. आशीष कुमार गोयल, संजय प्रसाद, अमृत अभिजात, आर. रमेश कुमार और मुकेश कुमार मेश्राम शामिल हैं। आशीष गोयल वर्तमान में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष हैं जबकि संजय प्रसाद मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव हैं। उनके पास गृह व सूचना विभाग के दायित्व भी हैं। अमृत अभिजात इस समय प्रमुख सचिव पर्यटन व संस्कृति हैं। आर रमेश कुमार राजस्व परिषद में सदस्य हैं। राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी रोहित कुमार भी इसी बैच सेआते हैं जो कि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से राजस्थान अपने मूल कैडर में वापस लौट आए हैं।






