Opinion

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने हिन्दू समाज को संगठित किया : देवनारायण साहू

सड्डू में विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन

“संगठित हिन्दू समाज हर चुनौती पर विजय प्राप्त कर सकता है “

रायपुर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष के निमित्त सड्डू में विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया. इस अवसर पर विद्या भारती के प्रान्त संगठन मंत्री श्री देवनारायण साहू, एनएसएस की सम्पर्क अधिकारी श्रीमती डॉ नीता बाजपेयी की गरिमामयी उपस्थिति रही. इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री देवनारायण साहू ने कहा, यह वर्ष अत्यंत महत्वपूर्ण है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का यह शताब्दी वर्ष है. डॉ केशव बलिराम हेडगेवार जी ने समाज को संगठित करने के लिए 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की. भारत जब संगठित होगा तो किसी का साहस नहीं होगा कि वह हमें गुलाम बना सके. एक समय ऐसा भी था जब हिन्दू कहना अपमानजनक बताया जाने लगा था, ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ लोगों को लगता था हिन्दू कमजोर हैं, लेकिन जब समाज की शक्ति बढ़ती है तो दृश्य कुछ और होता है. आज हिन्दू पहचान बताना गर्व का विषय है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक की शाखा पद्धति का उद्देश्य व्यक्तित्व निर्माण है. हिन्दू संगठित हुआ तो हिन्दू नववर्ष का दृश्य बदल गया, इस अवसर पर शहर और गांव में उत्साह देखने योग्य रहता है. भव्य राम मंदिर का निर्माण हो गया और धारा 370 भी हट गई. यदि समाज संगठित हुआ तभी तो राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू हुई. अभी अनेक ऐसे कार्य देखने को मिलेंगे जिससे हर भारतीय का मस्तक गौरवान्वित होगा. आज हर क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रकल्प सेवा कार्य कर रहे हैं. हमें आज गुरु तेग बहादुर सिंह जी जैसे आदर्श से प्रेरणा लेनी होगी, जिन्होंने भारत माता के लिए जैसा त्याग किया वह सभी को प्रेरित करता है. यहाँ तक की हिन्दू धर्म के लिए उन्होंने अपना प्राण त्याग दिया पर इस्लाम स्वीकार्य नहीं किया. ऐसा ही आदर्श श्री गुरुनानक देव जी ने प्रस्तुत किया. भारतीय दर्शन में मातृ शक्ति के प्रति आदर का जैसा भाव है वह अन्यत्र नहीं है. दूसरे का धन नहीं लेना ऐसा आदर्श हमारे घरों में संस्कार रूप में दिया जाता है.
भगवान बिरसा मुंडा जी के कृतित्व को स्मरण करने के लिए कुछ समय पूर्व हमने उनकी 150वीं जयंती मना रहे हैं. जनजातीय समाज का एक व्यक्ति भगवान बन गया, क्योंकि उन्होंने अपना जीवन हिंदुत्व, सनातन और भारत माता के लिए समर्पित कर दिया. आज हमें पंच परिवर्तन को अपने जीवन में आत्मसात करना होगा. नागरिक कर्तव्य का पालन सुनिश्चित करना होगा. उन्होंने कहा, स्वदेशी को अपनाइए, इससे आर्थिक महाशक्ति तो बनेंगे ही राष्ट्रीय चेतना भी जागृत होगी. नागरिक कर्तव्य, स्वदेशी, पर्यावरण, स्वत्व का बोध और सामाजिक समरसता देश की सेवा का के माध्यम हैं.

विराट हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करते हुए एनएसएस की राज्य सम्पर्क अधिकारी डॉ नीता बाजपेयी ने कहा, गीता सेज्ञान मिला रामायण से राम, भाग्य से हिन्दू धर्म और किस्मत से हिन्दूस्थान यहाँ तक की स्वामी विवेकानंद जी ने हिन्दूत्व को मानवधर्म कहा, यह हमारा सौभाग्य है कि हमने हिन्दू धर्म में जन्म लिया. उन्होंने कहा, हिंदुत्व तो एक जीवनशैली है. यह हज़ारों वर्ष की सनातन संस्कृति है. हमारे ऊपर सिर्फ अंग्रेजों और इस्लाम का आक्रमण नहीं था बल्कि हज़ारों आक्रमण हमने सहे, जिससे हम अपना स्वत्व भूल गए इसलिए स्वयं को पहचानना होगा. आज विश्व की सभी समस्याओं के समाधान के लिए दुनिया भारत की ओर देख रही है.
इस अवसर पर श्री मदन मोहन उपाध्याय जी ने कहा, संस्कार बच्चोँ को यदि बचपन में दे दिया जाए तो सशक्त भारत की नींव रखी जा सकती है. पश्चिम की मानसिकता से संचालित विद्यालय और इस्लामिक शिक्षा के केंद्र भारत में रिलीजन और मजहब की शिक्षा देते हैं, लेकिन भारत में गुरुकुल व्यवस्था समाप्त कर दी गई. मैकाले ने ऐसी शिक्षा व्यवस्था बनाई की व्यक्ति तो भारतीय है लेकिन मानसिकता पाश्चात्य की है. इसलिए अब जड़ों की ओर लौटने का समय आ गया है. कार्यक्रम में स्थानीय बच्चोँ ने भजन एवं गीत की प्रस्तुति भी दी.
इस अवसर मोवा नगर के सह संघचालक डॉ श्री केतन शाह, श्री अरविंद दोसी व बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे.

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