Opinion

देश के प्रति युवाओं की क्या है जिम्मेदारी…आरएसएस के युवा संगम में छात्रों को हर सवाल का मिला जवाब…

रायपुर में संपन्न भव्य युवा संगम, युवाओं में बही राष्ट्रीय विचारों की गंगा
• कुल चार नगर में हुआ कार्यक्रम, 880 युवक-युवतियों की रही शानदार सहभागिता,
• राष्ट्र निर्माण के लिए ध्येयनिष्ठ जीवन का किया गया आह्वान
रायपुर से जया लक्ष्मी तिवारी : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के सौ वर्ष पूरे हो चुके हैं। हम सभी जानते हैं कि समाजके हर क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं उससे जुड़े विभिन्न संगठनों और स्वयंसेवकों ने सेवा के अनेक कार्य किए हैं। यह कार्य निरतंर जारी हैं। लाखों स्वयंसेवक इस अभियान से जुड़ने के लिए उत्सुक रहते हैं, विशेषकर युवा। ऐसे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, रायपुर महानगर के अंतर्गत युवा संगम का कार्यक्रम रायपुर महानगर के कृषक नगर, देवेंद्र नगर, विवेकानंद नगर एवं टिकरापारा नगर में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। इन कार्यक्रमों में कुल 880 युवाओं की सक्रिय सहभागिता रही। युवा संगम का मूल उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रीय विचारों का प्रवाह, संघ कार्य की सम्यक समझ विकसित करना तथा उन्हें ध्येयनिष्ठ जीवन की ओर अग्रसर करना रहा।
लगभग नौ घंटे तक चले इस कार्यक्रम में भूमिका सत्र, आपसी विस्तृत परिचय, खेल, बौद्धिक सत्र, जिज्ञासा समाधान तथा संघ से क्यों और कैसे जुड़ें जैसे विषयों पर रुचिकर एवं संवादात्मक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को भारत की गौरवशाली परंपरा, सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक दायित्व और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका से अवगत कराया गया।
कृषक नगर में ‘युवा कौन है?’ विषय पर युवाओं के खिले चेहरे
कृषक नगर द्वारा आयोजित युवा संगम का कार्यक्रम कृषि विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार में संपन्न हुआ। इस अवसर पर रायपुर महानगर प्रचारक मनोज कश्यप ने “युवा कौन है?” विषय पर विचार रखते हुए युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि युवा एक शक्ति पुंज है। जैसे हीरा तराशने पर चमकता है, वैसे ही युवाओं में श्रेष्ठ विचारों के प्रवाह से सशक्त युवा का निर्माण होता है।उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए भयमुक्त, चरित्रवान और विचारशील युवा की आवश्यकता है। युवाओं को मन का दास बनने के बजाय मन को अपना दास बनाने की कला सीखनी होगी। शिक्षा को केवल जीविकोपार्जन का साधन न मानकर सार्थक जीवन निर्माण का माध्यम बनाना होगा। उन्होंने कहा कि आज देश को अर्जुन, शिवाजी, मंगल पांडेय, भगत सिंह और लचित बड़फूकन जैसे युवाओं की आवश्यकता है। संघ की चरित्र निर्माण की दृष्टि को रेखांकित करते हुए उन्होंने युवाओं से स्वयं तय करने का आह्वान किया कि राष्ट्र निर्माण में उनकी क्या भूमिका हो सकती है।
देवेंद्र नगर, विवेकानंद नगर और टिकरापारा में भी हुए बौद्धिक सत्र
देवेंद्र नगर स्थित पाटीदार भवन में आयोजित युवा संगम को प्रचारक श्री नकुल सिंह ने संबोधित किया।
विवेकानंद नगर के के.पी.एस. स्कूल, डूंडा में आयोजित कार्यक्रम में विद्या भारती के प्रांत संगठन मंत्री श्री देव नारायण साहू ने भारत की सांस्कृतिक, शैक्षिक एवं वैज्ञानिक परंपरा पर प्रकाश डाला। वहीं टिकरापारा नगर के जैन पब्लिक स्कूल में आयोजित युवा संगम में प्रांत संपर्क प्रमुख संजय दुबे ने भारत की गौरवशाली परंपरा तथा इतिहास में युवाओं की अनुकरणीय भूमिका को विस्तार से रखा। सभी वक्ताओं ने भारत की प्राचीन संस्कृति, शिक्षा, विज्ञान, कृषि, व्यापार, चिकित्सा, धातु विज्ञान, वस्त्र उद्योग एवं वास्तुकला की समृद्ध परंपरा के उदाहरण प्रस्तुत करते हुए युवाओं में आत्मगौरव और आत्मविश्वास का भाव जाग्रत किया ।
कार्यक्रमों का समापन राष्ट्र सेवा, सामाजिक समरसता और सकारात्मक जीवन मूल्यों को आत्मसात करने के संकल्प के साथ हुआ। नगरों के वरिष्ठजनों ने बताया कि ऐसे युवा संगम कार्यक्रम भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाएंगे, जिससे राष्ट्र निर्माण के लिए जागरूक और समर्पित युवा तैयार हो सकें।

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