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गुटबाजी का शिकार हुए नरोत्तम, भाजपा शीर्ष नेतृत्व के दखल से मामला हो रहा शांत…

भोपाल : मध्य प्रदेश के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद प्रदेश भर में फैले उनके समर्थकों में निराशा है. दतिया में तो शुक्रवार को जमकर बवाल हुआ. नेशनल हाईवे से लेकर सड़कों में कई घंटों तक जाम लगा रहा. वहीं भाजपा जिला कार्यकारणी ने इस्तीफा देकर अपनी नाराजगी जाहिर की. हालांकि शनिवार को नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से धैर्य रखने की अपील कर पार्टी फोरम में बात रखने की बात कही. इस बीच नरोत्तम मिश्रा शनिवार को भोपाल पहुंचे. वह यहां प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही अन्य सीनियर नेताओं से मुलाकात करेंगे. माना जा रहा है कि पार्टी नरोत्तम मिश्रा को समझाने का प्रयास करेगी, वहीं इस मामले में भाजपा का शीर्ष नेतृत्व भी दखल दे रहा है.

दरअसल नरोत्तम मिश्रा प्रदेश के एक कद्वार नेता हैं. वह मध्य प्रदेश भाजपा के संकट मोचक भी माने जाते हैं. कमलनाथ सरकार गिराने में भी उनकी अहम भूमिका बताई जाती है. मिश्रा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बेहद करीबी माने जाते हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि नरोत्तम मिश्रा को भले ही अभी पार्टी ने टिकट नहीं दिया हो लेकिन आने वाले कुछ ही महीनों में उनका सियासी वनवास खत्म कर उन्हें संगठन की राष्ट्रीय टीम में जगह दी जा सकती है. नितिन नबीन अपनी नई टीम बनाने में जुटे हैं,जिसमें संगठन कौशल में माहिर नेताओं की तलाश की जा रही है. ऐसे में नरोत्तम मिश्रा भाजपा के महासचिव भी बनाए जा सकते हैं.

दतिया में दिखाया दम

नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद जिस तरह दतिया में उनके पक्ष में कार्यकर्ताओं और आम जन में आक्रोश नजर आया उससे एक बात तो तय है कि नरोत्तम मिश्रा ने जिले में विकास के अनेक कार्य किए हैं. उनके समर्थकों की लंबी फौज है. ऐसे में पार्टी एक बड़े दिग्गज नेता को डिरेल करने का जोखिम नहीं लेना चाहेगी. वह भी तब जब नरोत्तम मिश्रा हमेशा पार्टी लाइन पर चलने वाले नेता के रूप में जाने जाते रहे हों. अब सबकी निगाहें नरोत्तम मिश्रा और केंद्रीय नेतृत्व के बीच मुलाकात पर टिकी है.

सूत्रों के मुताबिक नरोत्तम मिश्रा का टिकट लगभग तय माना जा रहा था लेकिन पार्टी में एक धड़ा उन्हें टिकट न दिए जाने को लेकर लंबे समय से सियासी पैतरेबाजी कर रहा था. नरोत्तम मिश्रा विरोधी गुट का मानना है कि जैसे ही नरोत्तम मिश्रा विधायक बनेंगे वह उपमुख्यमंत्री के स्वाभाविक दावेदार बन सकते हैं. पार्टी की इस गुटबाजी से भाजपा शीर्ष नेतृत्व भी नाराज है. सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इस मामले को सुलझाने के निर्देश भी दिए गए हैं.

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