एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर मोदी सरकार बनाने जा रही नया नियम, तेल कंपनियों की सख्ती…

नई दिल्ली : पश्चिम एशिया से जारी ईंधन संकट के बीच आम लोगों के लिए एलपीजी से जुड़ा एक कड़ा नियम मोदी सरकार बनाने जा रही है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मोदी सरकार ने गैस कंट्रोल ऑर्डर में संशोधन कर साफ कर दिया है कि एक घर (हाउसहोल्ड) में केवल एक एलपीजी कनेक्शन ही रखा जा सकता है. यानी एक से ज्यादा यदि आपके पास एलपीजी कनेक्शन है तो वह अवैध मान लिया जाएगा.
भारतीय तेल कंपनियों एचपीसीएल, आईओसीएल और बीपीसीएल ने संयुक्त रूप से जारी सार्वजनिक सूचना में उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन तुरंत सरेंडर कर दें. एक जून से इस नियम पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार
- एक परिवार (पति, पत्नी, विवाहित बच्चे और आश्रित माता-पिता) में एक ही किचन के साथ सिर्फ एक एलपीजी कनेक्शन ही लीगल माना जाएगा.
- यदि आपके यहां एक से अधिक एलपीजी गैस कनेक्शन की सूचना मिलती है तो अतिरिक्त कनेक्शन रखने पर गैस सप्लाई बंद की जा सकती है. इसके बाद आपके यहां गैस सप्लाई तभी बहाल होगी जब सभी अतिरिक्त कनेक्शन सरेंडर कर दिए जाएंगे.
- यदि अतिरिक्त कनेक्शन सरेंडर करने के बाद सिर्फ एक बचता है, तो उसे डबल बॉटल कनेक्शन (डीबीसी) में बदला जा सकता है.
- पीएनजी कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी कनेक्शन तुरंत सरेंडर करना होगा.
पीएनजी उपयोगकर्ताओं के लिए नई छूट (25 मई 2026 संशोधन)
- जिनके घरों में पाइप के जरिए गैस की सप्लाई होती है, उनके यहां पीएनजी कनेक्शन लेने के 30 दिनों के अंदर एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा.
- या फिर ट्रांसफर वाउचर ले सकते हैं, जिससे भविष्य में पीएनजी उपलब्ध न होने वाले क्षेत्र में एलपीजी कनेक्शन दोबारा सक्रिय कराया जा सकेगा.
एक ओर तीनों तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अनुरोध किया है कि वे नियमों का पालन करें और अपने डिस्ट्रीब्यूटर से संपर्क कर अतिरिक्त कनेक्शन को सरेंडर करने की प्रक्रिया पूरी करें. यह प्रक्रिया ऑनलाइन भी की जा सकती है. लेकिन कंपनियों की ओर से ऐसे लोगों के बारे में कोई उपाय नहीं किए गए हैं जिनके पास एक भी गैस सिलेंडर का कनेक्शन नहीं है. पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से जारी ऊर्जा संकट के बीच एलपीजी के नये कनेक्शन भी नहीं मिल रहे हैं. ऐसे में कई परिवारों को ईंधन जैसी बुनियादी जरुरत के लिए परेशान भी होना पड़ रहा है.






