हर घर तक पहुंचा स्वच्छ जल, बदली ग्राम राहुद की तस्वीर

जल जीवन मिशन बना ग्रामीणों के जीवन में बदलाव का माध्यम, महिलाओं और बच्चों को मिली बड़ी राहत
रायपुर 15 जुलाई 2026: कभी पेयजल की समस्या से जूझने वाला विकासखंड खैरागढ़ का ग्राम राहुद आज जल जीवन मिशन की बदौलत स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता के मामले में एक नई पहचान बना रहा है। घर-घर नल से जल पहुंचने के बाद ग्रामीणों के दैनिक जीवन में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिल रहा है। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को पानी लाने की जिम्मेदारी से राहत मिली है, जिससे वे अपना समय अन्य उपयोगी कार्यों में लगा पा रहे हैं।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम राहुद में 60 किलोलीटर क्षमता की उच्च स्तरीय जल टंकी का निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही सुदृढ़ पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से गांव के लगभग 300 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। अब ग्रामीणों को अपने घरों में ही नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।
गांव के वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि पहले पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था। गर्मी के दिनों में स्थिति और भी कठिन हो जाती थी। कई बार परिवार के सदस्यों का काफी समय केवल पानी की व्यवस्था में ही खर्च हो जाता था। लेकिन अब नल से जल मिलने के कारण यह समस्या लगभग समाप्त हो गई है।
जल जीवन मिशन ने केवल पेयजल उपलब्ध कराने का कार्य ही नहीं किया है, बल्कि ग्रामीणों में जल संरक्षण और जल स्रोतों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई है। ग्राम पंचायत एवं ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से जल आपूर्ति व्यवस्था के संचालन और संधारण को बेहतर बनाया जा रहा है, जिससे योजना का लाभ दीर्घकाल तक मिलता रहे।
स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। दूषित पानी से होने वाली बीमारियों की आशंका कम हुई है तथा स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है।
जल जीवन मिशन के माध्यम से ग्राम राहुद में आया यह परिवर्तन ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह योजना न केवल हर घर तक जल पहुंचाने का कार्य कर रही है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन को अधिक सुविधाजनक, स्वस्थ और सम्मानजनक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने ग्रामीणों से जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सके।






