News
राज्यपाल ने बताई सरकार की उपलब्धियां, 70 प्वाइंट में आसानी से समझिए

रायपुर, 23 फरवरी 2026/ राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज छत्तीसगढ़ की 6 वीं विधानसभा के अष्टम् सत्र को संबोधित किया और अभिभाषण पढ़ा।आइए आसान भाषा में समझते हैं उन्होंने क्या कुछ बातें विधानसभा पटल पर रखीं
उन्होंने सबसे पहले कहा, आप सभी को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना और हमारी विधानसभा की रजत जयंती की बहुत-बहुत बधाई।
- राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के करकमलों से हमारी विधानसभा के नवीन भवन का लोकार्पण हुआ। आप सभी को लोकतंत्र के मंदिर इस नये भवन की हार्दिक शुभकामनाएं।
- प्रदेश की षष्ठम् विधानसभा के वर्ष 2026 में आयोजित इस प्रथम सत्र में आप सभी का हार्दिक अभिनंदन है।
- अब हमारे प्रदेश ने विकसित राज्य की ओर अपना नया सफर शुरू किया है। सामूहिक प्रयत्न और संकल्प से निश्चित रूप से हम वर्ष 2047 तक विकसित राज्य का लक्ष्य प्राप्त करेंगे।
- भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हमारे राज्य का निर्माण किया। उन्होंने जिस संकल्पना को लेकर छत्तीसगढ़ बनाया, उसे पूरा होते देखकर बहुत खुशी होती है।
- छत्तीसगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं हैं। यहां की सरल, सहज और मेहनतकश जनता की बदौलत मेरी सरकार इन संभावनाओं को साकार करने की दिशा में कड़ी मेहनत कर रही है।
- मेरी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता अंत्योदय का कल्याण है। मेरी सरकार की प्रत्येक नीति में यह सोच है कि इसके लागू होने से आखिरी पंक्ति में खड़े नागरिक को किस तरह से लाभ मिलेगा। जब इस सोच के अनुरूप नीति बनती है तो समावेशी विकास की दिशा में कदम स्वतः बढ़ जाते हैं।
- समावेशी विकास में महिला सशक्तिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है। मातृ शक्ति को सशक्त बनाना मेरी सरकार की प्राथमिकता है। इसी सोच के साथ इस वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष‘ के रूप में मनाया जा रहा है।
- सामाजिक कल्याण के साथ तीव्र आर्थिक विकास के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नये जमाने के अनुरूप मेरी सरकार ने नवाचार भी किया है जिसका व्यापक असर प्रदेश के आर्थिक विकास के आंकड़ों में नजर आता है।
- विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब किसान मजबूत और समृद्ध होंगे। इसलिए मेरी सरकार उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने, फसल का उचित मूल्य दिलाने और बाजार तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर काम कर रही है।
- इस वर्ष 25 लाख 24 हजार किसानों से समर्थन मूल्य पर 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया और 33 हजार 431 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। मेरी सरकार ने ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत होली से पहले किसानों को 10 हजार 292 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्णय लिया है।
- केंद्र में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार भी किसान हितैषी सरकार है। छत्तीसगढ़ के 24 लाख 72 हजार किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है।
- मेरी सरकार के कल्याणकारी दायरे में भूमिहीन कृषक मजदूर भी शामिल हैं। राज्य के 5 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना‘ के तहत सालाना 10 हजार रुपए दिए जा रहे हैं।
- मेरी सरकार गुणवत्तापूर्ण बीज किसानों को उपलब्ध कराने की दिशा में पुख्ता काम कर रही है। बीज उत्पादन में प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति एवं महिला वर्ग के किसानों को प्रमाणीकरण शुल्क में शतप्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। दो साल में 21 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किये गये हैं।
- हमारे किसान भाइयों द्वारा उपजाया खाद्यान्न निर्यात के माध्यम से विदेशों तक अधिकाधिक पहुंचाया जाए, इसके लिए मेरी सरकार ऐसी तकनीकों पर काम कर रही है जिससे खाद्यान्नों की शेल्फ लाइफ बढ़ाई जा सके। इसके लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र की सहायता से 06 करोड़ रुपए की लागत से सेंटर आफ एक्सीलेंस की स्थापना की जा रही है।
- दुनिया भर में खेती-किसानी की तकनीक बदल रही है। कृषि शोध में लगे अध्यापकों और छात्रों को मेरी सरकार द्वारा निरंतर एक्सपोजर विजिट भी कराया जा रहा है। प्रदेश में दलहन और तिलहन की फसलों को बढ़ावा देने मेरी सरकार प्रतिबद्ध है। ‘दलहन बीज उत्पादन प्रोत्साहन योजना‘ में प्रति क्विंटल दिए जाने वाले 1000 रूपए के अनुदान को अब बढ़ाकर 5 हजार रुपए कर दिया गया है। ‘अक्ती बीज संवर्धन योजना‘ के तहत तिलहनी फसलों के उत्पादन एवं वितरण पर अनुदान राशि 1000 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 1500 रुपए प्रति क्विंटल कर दी गई है।
- फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने धान के बदले अन्य खरीफ फसल लेने वाले कृषकों को भी प्रति एकड़ 11 हजार रुपए आदान सहायता राशि देने का निर्णय लिया गया है।
- खाद्यान्न तेल के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार पाम ऑयल को बढ़ावा दे रही है। मेरी सरकार ने इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा दिये जा रहे अनुदान के अतिरिक्त 69 हजार 620 रुपए का टापअप अनुदान प्रदान करने का निर्णय लिया है।
- छत्तीसगढ़ में कोदो और रागी जैसे मिलेट्स की खेती में बड़ी संभावना है और इसके बीजों के आत्मनिर्भरता की दिशा में भी मेरी सरकार प्रयासरत है।
- हमारे वनांचल जैविक खेती के लिए सबसे अनुकूल हैं और इससे स्थानीय किसानों के लिए बड़े लाभ की संभावनाएं खुलेंगी। प्रदेश में 38 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती हो रही है।
- हमारा छुईखदान पान की बेलों के लिए प्रसिद्ध रहा है। मेरी सरकार ने यहां पान अनुसंधान केंद्र आरंभ किया है।
- खेती-किसानी से जुड़ी अर्थव्यवस्था का विस्तार पशुपालन को बढ़ावा दिए बिना संभव नहीं है। मेरी सरकार ने इस क्षेत्र में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ एमओयू किया है।
- सहकारिता की ताकत सबसे बड़ी ताकत है। इस ताकत से लोगों को जोड़ते हुए ‘सहकार से समृद्धि योजना‘ के तहत 488 नवीन डेयरी समितियों का गठन किया गया है। दुग्ध उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से महासंघ द्वारा दूध का क्रय मूल्य 35 रुपए से बढ़ाकर 36 रुपए 50 पैसे प्रति लीटर कर दिया गया है।
- वर्ष 2022-23 में जहां दूध उत्पादन 1955 हजार टन था वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 2162 हजार टन हो गया। प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता भी वर्ष 2022-23 के 180 ग्राम प्रतिदिन से बढ़कर 194 ग्राम प्रतिदिन हो गई है। दूध उत्पादन बढ़ने का लाभ किसानों को तो हो ही रहा है, हमारे नौनिहालों को भी इसके माध्यम से बेहतर पोषण मिल रहा है।
- मत्स्यपालन के क्षेत्र में भी बड़ी संभावनाएं हैं। कांकेर जिला देश भर में इस क्षेत्र में मॉडल जिला बना है। यह केंद्र सरकार द्वारा बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट के रूप में चुना भी गया है। अभी हमारा प्रदेश मत्स्य उत्पादन के मामले में देश में छठवें स्थान पर है। मेरी सरकार ने वर्ष 2047 तक इसे देश में तीसरे स्थान पर लाने का लक्ष्य रखा है। गांव में खेत, घर में पशुपालन और खेत से लगी डबरी में मछली पालन, इस तरह के एप्रोच से काम करने से किसान भाइयों की आय में और भी वृद्धि होगी। मेरी सरकार इस दिशा में किसान भाइयों को प्रेरित करने का काम कर रही है। इसके उत्साहजनक परिणाम सामने आये हैं। निजी क्षेत्र में 7580 हेक्टेयर में मत्स्यपालन का काम हो रहा है.
- विकसित छत्तीसगढ़ का आधार सिंचाई परियोजनाएं हैं। पिछले दो वर्षों में मेरी सरकार ने प्रदेश में 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता की वृद्धि की है, जिससे राज्य में कुल विकसित सिंचाई क्षमता 21 लाख 76 हजार हेक्टेयर हो गई है।
- 73 हजार हेक्टेयर से अधिक सिंचाई सुविधा में विस्तार एवं पुनर्स्थापन के लिए 477 सिंचाई योजनाओं के लिए 1874 करोड़ रुपए की स्वीकृति भी दी गई है।
- सिंचाई योजनाओं के लिए अधिग्रहित भूमि के लंबित मुआवजों के प्रकरण को निपटाने में मेरी सरकार ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। किसान भाइयों को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 400 करोड़ रुपए मुआवजा का भुगतान किया गया, वहीं वन भूमि से संबंधित 100 करोड़ रुपए की लंबित मुआवजे राशि का भुगतान किया गया। इससे वन प्रभावित सिंचाई योजनाओं के निर्माण में गति आई है।
- मातृशक्ति का सम्मान, उनकी गरिमा की रक्षा और उनका आर्थिक सशक्तीकरण मेरी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- माताएं-बहनें कुशल बजट प्रबंधक होती हैं। ‘महतारी वंदन योजना‘ के माध्यम से हर महीने एक-एक हजार रुपए की राशि हम प्रदेश की लगभग 69 लाख महिलाओं के खाते में जमा कर रहे हैं। मेरी सरकार ने लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में 24 किश्तों में 15 हजार 596 करोड़ रूपए जमा किए हैं।
- दो साल पहले मेरी सरकार ने यह योजना अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आरंभ की। तीन महीने में ही हितग्राहियों के चिन्हांकन का काम पूरा हो चुका था। माओवादी हिंसा की वजह से बस्तर के कुछ क्षेत्रों की महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल सका था। उन 7,763 महिलाओं को भी योजना से लाभान्वित करना आरंभ कर दिया गया है।
- ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना‘ के अंतर्गत फरवरी 2026 में राज्यभर में एक साथ 6,412 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया। इनमें से 1,316 जोड़े रायपुर में विवाह बंधन में बंधे। यह भव्य आयोजन गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ, जो प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। इस आयोजन की एक और उल्लेखनीय उपलब्धि यह रही कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के 6 जोड़ों का विवाह भी इसी योजना के तहत कराया गया, जो विश्वास, पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा से जुड़ाव का सशक्त संदेश है।
- मेरी सरकार ने मातृशक्ति के लिए प्राथमिकता से योजनाएं बनाई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में माताएं-बहनें अपने हुनर को आगे बढ़ाएं, इसके लिए 137 महतारी सदन पूर्ण करा लिए गए हैं तथा 212 महतारी सदन निर्माणाधीन हैं।
- हमारे नौनिहाल हमारा भविष्य हैं। पूरे जतन के साथ उनकी परवरिश हो, इसके लिए मेरी सरकार उनके पोषण का खास ध्यान रख रही है। ‘पोषण ट्रैकर एप‘ के नतीजे उत्साहित करने वाले हैं, इससे हमारे नौनिहालों के कुपोषण के सभी मापदण्डों में कमी आ रही है।
- पोषण पखवाड़ा 2025 में प्रति आंगनबाड़ी गतिविधि में हमारा राज्य देश में प्रथम स्थान पर रहा है।
- जब आतंक का साया हट जाता है तो विकास का उजाला स्वतः ही फैल जाता है और लोगों का जीवन रोशन हो जाता है।
- हमने बीते दो वर्षों में माओवादी आतंकवाद को समाप्त करने की दिशा में बड़ी सफलता प्राप्त की है। दो वर्षाें में 532 माओवादी न्यूट्रलाइज किए गए, 2704 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया तथा 2004 माओवादी गिरफ्तार किये गये। मेरी सरकार ने आत्मसमर्पण की बेहतर पालिसी बनाई है, जिसके फलस्वरूप भटके हुए युवा अब मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। हथियार छोड़कर संविधान की प्रति हाथों में थाम रहे हैं। प्रदेश तेजी से माओवादी आतंक से मुक्ति की दिशा में बढ़ रहा है।
- जिन धुर नक्सल प्रभावित इलाकों को माओवाद से मुक्त किया गया है वहां ‘नियद नेल्ला नार योजना‘ के माध्यम से बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। इस योजना में 17 विभागों की भागीदारी है और शासन की 25 कल्याणकारी योजनाओं तथा 18 सामुदायिक सुविधाओं का लाभ हितग्राहियों को दिया जा रहा है।
- मेरी सरकार ने बस्तर में विकास के लिए कनेक्टिविटी को विशेष प्राथमिकता दी है। 146 सड़क एवं पुल निर्माण कार्यों के लिए 1109 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गयी है। अनेक महत्वपूर्ण सड़क एवं पुलों का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा अनेक कार्य प्रगति पर हैं।
- बीजापुर जिले में बीजापुर-आवापल्ली-जगरगुण्डा तथा बीजापुर-मोदकपाल-तारलागुड़ा, सुकमा जिले में गादीरास से मनकापाल, नारायणपुर जिले में गारपा से कच्चापाल, गारपा से आकाबेड़ा सड़कों के निर्माण के साथ ही बासागुड़ा-धरमावरम्-पामेड़ मार्ग में चिंतावागु नदी में, नेलसनार-गंगालूर मार्ग में मरी नदी, तुमका नदी तथा मिंगाचल नदी में तथा पेदारास से डोलेरास में फूल नदी पर पुलों का निर्माण पूर्ण किया गया है।
- नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 728 मोबाइल टॉवर चालू किए गए हैं। साथ ही 449 मोबाइल टॉवरों को 4जी में अपग्रेड किया गया। गांवों तक डीटीएच कनेक्शन पहुंचा है और रात को हाई मास्ट लैंप से गांव जगमगाने लगे हैं।
- एक बड़ा फायदा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का भी है, जिनमें अब तक ये नक्सल प्रभावित क्षेत्र पीछे रह गये थे। 31 नई प्राथमिक शालाएं और 19 उपस्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत किये गये हैं।
- माओवादी आतंक के चलते यहां बच्चों का टीका भी नहीं हो पाता था, नियद नेल्ला नार योजना के आरंभ होने से अब तक 11 हजार से अधिक बच्चों एवं महिलाओं को टीके लगाये गए हैं। इससे आने वाली पीढ़ी का स्वास्थ्य सुरक्षित हो रहा है।
- राज्य के जनजातीय क्षेत्रों में वनाधिकार पत्र जारी करने के संबंध में मेरी सरकार सक्रियता से कार्य कर रही है। वनाधिकार पत्र जारी करने के संबंध में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल स्थान पर है। अब तक प्रदेश में 4 लाख 83 हजार 222 व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र, 48 हजार 251 सामुदायिक वनाधिकार पत्र तथा 4 हजार 396 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र जारी किए गए हैं। पिछले दो साल में 4659 व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र, 97 सामुदायिक वन अधिकार पत्र तथा 89 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र इस प्रकार कुल 4,845 वन अधिकार पत्र वितरित किये गये हैं। मेरी सरकार द्वारा संवेदनशील निर्णय लेते हुए व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र धारकों की मृत्यु होने पर इनके वारिसों के नाम वनाधिकार पत्र का नामांतरण एवं अन्य प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है।
- तेंदूपत्ता संग्रहण मूल्य 4 हजार रुपए से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए कर दिया गया है। संग्राहकों को चरण पादुका भी वितरित की जा रही है। वन धन केंद्रों के माध्यम से संग्राहकों को वनोपज का उचित दाम दिया जा रहा है।
- हमारे प्रदेश की 31 फीसदी आबादी जनजातीय है। मेरी सरकार जनजातीय उत्थान के लिए प्राथमिकता से काम कर रही है।
- आदिम जाति, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति अब ऑनलाइन पोर्टल से दी जा रही है। वर्ष 2025-26 से नई व्यवस्था लागू कर समय पर भुगतान सुनिश्चित किया गया है।
- इसी तरह एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय जनजातीय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कोसमबुडा को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान और 1 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिला, जो प्रदेश के लिए गौरव की बात है।
- ओडिशा के सुंदरगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय क्रीड़ा प्रतियोगिता 2025 में छत्तीसगढ़ ने देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने कुल 162 पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया।
- धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की संकल्पना को पूरा करने जनजातीय विकास की दिशा में मेरी सरकार तत्परता से कार्य कर रही है। ‘पीएम जनमन योजना‘ तथा ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान‘ के तहत तेजी से कार्य हो रहे हैं। ‘आदि कर्मयोगी अभियान‘ से डेढ़ लाख आदिकर्मयोगी तैयार किये गये हैं। ये ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का नेतृत्व करेंगे। ‘प्रधानमंत्री जनमन योजना‘ एवं आदि कर्मयोगी अभियान के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रपति महोदया श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में सम्मानित किया गया है।
- शहीद वीरनारायण सिंह और जनजातीय शहीदों की स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए मेरी सरकार ने देश का पहला डिजिटल संग्रहालय, शहीद वीरनारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय नवा रायपुर में स्थापित किया है। इसका लोकार्पण प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के करकमलों से राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर हुआ। मेरी सरकार द्वारा नवा रायपुर में ट्राइबल एवं कल्चरल कन्वेंशन सेंटर भी बनाया जा रहा है। इसके माध्यम से हमारी जनजातीय संस्कृति को सहेजने में विशेष मदद मिलेगी।
- प्रदेश की सुंदर जनजातीय संस्कृति को सहेजने मेरी सरकार प्रतिबद्ध है। लगातार दूसरे साल भी बस्तर पंडुम का सफल आयोजन किया गया है। इस साल बस्तर पंडुम में विधाओं की संख्या 7 से बढ़ाकर 12 कर दी गई। पिछले साल बस्तर पंडुम में जहां 47 हजार कलाकारों ने पंजीयन कराया, वहीं इस साल यह संख्या बढ़कर 54 हजार 745 हो गई। बस्तर पंडुम के शुभारंभ के मौके पर राष्ट्रपति महोदया का आगमन हुआ। उन्होंने बस्तर की संस्कृति को सहेजने के लिए की गई इस सुंदर पहल की सराहना की। बस्तर पंडुम के समापन समारोह में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।
- हमारे जनजातीय भाइयों के पूजा स्थल अखरा के संरक्षण और संवर्धन के लिए मेरी सरकार ने योजना बनाई है।
- यह हमारे लिए गौरव की बात है कि देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिली है। ट्राइबल गेम्स के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सुंदर जनजातीय संस्कृति की झलक भी देश दुनिया को दिखेगी। इस आयोजन के माध्यम से दुनिया अब बस्तर में बारूद का धुँआ नहीं अपितु चित्रकोट जलप्रपात का भव्य दूधिया नजारा देखेगी। बस्तर ओलंपिक के सफल आयोजन के पश्चात मेरी सरकार सरगुजा ओलंपिक का आयोजन भी कर रही है।
- सबको आवास दिलाने का मेरी सरकार का निश्चय सरकार गठन के पहले दिन से आप सबको मालूम है। मेरी सरकार ने अपनी पहले ही कैबिनेट की बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किये और इन पर तेजी से काम चल रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए मेरी सरकार ने 15 हजार आवास निर्माण का लक्ष्य रखा है। चालू वित्तीय वर्ष में 10 माह की अवधि में सर्वाधिक 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण कर छत्तीसगढ़ ने देश में कीर्तिमान स्थापित किया है।
- मेरी सरकार युवा ऊर्जा को रचनात्मक और सृजनात्मक भूमिका के लिए तैयार कर रही है। उनकी पुख्ता शिक्षा, स्किल अपग्रेडेशन के साथ ही उनमें उद्यम आधारित संभावनाओं को बढ़ाने के लिए भी कार्य कर रही है।
- हम अपनी युवा शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा को सबसे बड़ा अवसर मानते हैं। बेहतर शिक्षा व्यवस्था के निर्माण हेतु मेरी सरकार लगातार प्रयास कर रही हैं। नवा रायपुर को एजुकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां उच्च शिक्षा के क्षेत्र में देशभर की प्रतिष्ठित संस्थाएं स्थापित हो रही हैं, जिससे युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए राज्य के बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
- मेरी सरकार ने युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित होने के लिए अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट प्रदान की है, साथ ही विभिन्न विभागों में करीब 32 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया की जा रही है।
- छत्तीसगढ़ का हस्तशिल्प देश भर में प्रसिद्ध रहा है। चांपा की कोसा की साड़ियों की धूम तो विदेशों में भी है। मेरी सरकार ने नवा रायपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (छप्थ्ज्) की स्थापना का निर्णय लिया है। यह संस्थान प्रदेश के प्रतिभाशाली डिजाइनरों के सपनों को पंख प्रदान करेगा।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन से प्रदेश में स्कूल शिक्षा की नींव मजबूत हुई है। बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए हर संभव कार्य किया जा रहा है।
- अटल नगर नवा रायपुर में पहले अंतरिक्ष केंद्र की शुरुआत से बच्चों के सपनों को नई उड़ान मिली है और छत्तीसगढ़ अंतरिक्ष विज्ञान में आगे बढ़ रहा है। ‘अंतरिक्ष संगवारी’ पहल से विद्यार्थियों, किसानों और युवाओं को लाभ होगा, रोजगार बढ़ेंगे और इसे हर जिले तक फैलाया जाएगा।
- इसी तरह नवा रायपुर में साइंस सिटी स्थापित की जा रही है। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर और मायापुर में जहां कर्क रेखा गुजरती है, वहां एस्ट्रो पार्क बनाया जा रहा है। स्कूली बच्चों को अंतरिक्ष से जुड़े प्रयोगों की सुविधा देने के लिए बस्तर और सरगुजा में नेशनल काउंसिल ऑफ सांइस म्यूजियम कोलकाता के सहयोग से मोबाइल साइंस लैब की स्थापना की जा रही है।
- 63.क्लाइमेट चेंज हमारे समय की बड़ी चुनौती है, इसका सामना करने के लिए मेरी सरकार वन क्षेत्र का दायरा बढ़ाने लगातार कार्य कर रही है। इंडियन स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में वन एवं वृक्ष आवरण क्षेत्र में 683 वर्ग किमी की वृद्धि हुई है, जो देश में सर्वाधिक है।
- सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए भी मेरी सरकार कार्य कर रही है। पर्यावरण जागरूकता से नई पीढ़ी को भी जोड़ना बेहद आवश्यक है। इसके लिए ईको क्लब के माध्यम से कार्य किया जा रहा है।
- युवा आबादी के लिए बड़े पैमाने पर अवसर पैदा हों, इसके लिए मेरी सरकार ने नई औद्योगिक नीति लागू की है। इस नीति में प्रदेश में उद्यम स्थापित करने पर आकर्षक सब्सिडी है। मेरी सरकार ने इज आफ डूइंग बिजनेस और इज आफ लिविंग के मुताबिक 400 से अधिक रिफार्म्स किये हैं। सिंगल विंडो सिस्टम के चलते एनओसी काफी आसान हो गई है। मेरी सरकार जन विश्वास अधिनियम लाने वाले देश के अग्रणी राज्यों में है। इसके माध्यम से विभिन्न अधिनियमों के 279 प्रावधानों में बदलाव लाये गये हैं। जीएसटी में अनेक सुधार हुए हैं, जिसका लाभ प्रदेश के कारोबारियों को मिल रहा है। इन सभी रिफार्म्स से प्रदेश में बिजनेस बहुत आसान हो गया है।
- नई औद्योगिक नीति के कारण अब तक 7 लाख 83 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव आये हैं। खुशी की बात है कि यह निवेश सेमीकंडक्टर, आईटी, फार्मा, एआई जैसे क्षेत्रों में भी आ रहे हैं।
- युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने मेरी सरकार ने छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 बनायी है। इस नीति से प्रदेश में स्टार्टअप के लिए शानदार इकोसिस्टम तैयार होगा। इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख नवाचार केन्द्र के रूप में उभर सकेगा।
- प्रधानमंत्री जी का फोकस टीयर-2 और टीयर-3 सिटी पर है। मेरी सरकार स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में नवा रायपुर, रायपुर और दुर्ग-भिलाई को शामिल कर विकास के लिए संकल्पित भाव से काम कर रही है।
- यहां आईटी हब, एआई हब, फार्मा हब, टैक्सटाइल पार्क आदि के माध्यम से मेरी सरकार नवा रायपुर में निवेश की संभावनाओं को बढ़ाने पर पुख्ता काम कर रही है।






