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जेएनपीटी पोर्ट अब देश के अलग-अलग राज्यों से गुजरने वाले DFC नेटवर्क से जुड़ेगा


मुंबई : डीएफसीसीआईएल लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने के उद्देश्य से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL), जवाहरलाल नेहरू पोर्ट प्राधिकरण (JNPT) और पश्चिमी रेलवे के अधिकारियों के बीच दो दिवसीय उच्च स्तरीय समन्वय बैठक 15 जनवरी को संपन्न हो गई। इसमें मुख्य रूप से पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के शेष बचे हुए वैतरणा–जेएनपीटी खंड को जवाहरलाल नेहरू पोर्ट से जोड़ने वाली योजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इस खंड के रेल कनेक्टिविटी में शामिल होने के बाद जेएनपीटी पोर्ट देश के विभिन्न राज्यों से डीएफसी (DFC) नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इससे कंटेनर पोर्ट की रेल-आधारित वहन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। वहीं, माल ढुलाई में तेजी आएगी और लॉजिस्टिक्स लागत में और कमी आने की संभावना है।
14 जनवरी को आयोजित बैठक में डीएफसीसीआईएल के निदेशक (परिचालन एवं व्यवसाय विकास) श्री शोभित भटनागर तथा जेएनपीटी के डिप्टी चेयरमैन श्री रवीश कुमार सिंह (आईआरटीएस) ने बैठक की और जेएनपीटी पोर्ट का दौरा किया। इस अवसर पर वैतरणा–जेएनपीटी खंड की प्रगति, जेएनपीटी पोर्ट से कनेक्टिविटी के रणनीतिक महत्व तथा इसके दूरगामी प्रभावों पर चर्चा की गई।
जेएनपीटी के अधिकारी ने कहा कि इस कनेक्टिविटी से आयात-निर्यात (EXIM) व्यापार को नई गति मिलेगी, कार्गो हैंडलिंग क्षमता में वृद्धि होगी। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय बंदरगाहों की प्रतिस्पर्धात्मकता और सशक्त होगी।
15 जनवरी को डीएफसीसीआईएल के निदेशक (परिचालन एवं व्यवसाय विकास) श्री शोभित भटनागर ने पश्चिमी रेलवे के प्रिंसिपल चीफ ऑपरेटिंग मैनेजर (PCOM) श्री वी. ए. मालेगांवकर, मुख्य फ्रेट ट्रांसपोर्टेशन मैनेजर (CFTM) श्री नरेंद्र पंवार मंडल रेल प्रबंधक मुंबई सेंट्रल मंडल श्री पंकज सिंह के साथ बैठक की। इसमें कार्य की प्रगति, क्रू व्यवस्था, ट्रेन प्रबंधन और परिचालन, सुरक्षा और संरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
जेएनपीटी को डब्लूडीएफसी से जोड़ना भारतीय रेल-आधारित लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे सड़क से रेल की ओर माल परिवहन का ‘मॉडल शिफ्ट’ वृद्धि होगी, इससे ईंधन की बचत और पर्यावरणीय प्रदूषण में भी कमी आएगी। रेल परिवहन के अधिक सुरक्षित और किफायती होने से उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा।
बैठक और दौड़े के दौरान डिप्टी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर व टर्मिनल हेड श्री अश्विन अरविंद सिंह , मैनेजर श्री वेंकटेश्वर चतुर्वेदी, श्री जयदीप कदम, श्री अश्विनी एस. सुदर्शन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे

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