News

राजनीति में फिर भगवान की इंट्री, ‘राम’ के सवाल पर भड़की कॉंग्रेस !

रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों भगवान राम के नाम पर किए गए सवाल ने सियासी पारा बढ़ा दिया है. पहले महासमुंद जिला फिर गरियाबंद में चौथी कक्षा के तिमाही परीक्षा में कुत्ते के नाम के सवाल पर करोड़ों करोड़ हिंदु आस्था के मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के नाम का विकल्प शामिल करने को सनातन विरोधी षड्यंत्र करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि हिंदुत्व के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा का चेहरा उजागर हुआ है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री पूरे घटनाक्रम पर परदेदारी करने साज़िश का बहाना बना रहे हैं। सनातन आस्था पर चोट के इतने संवेदनशील मामले पर अब तक ना कोई एफआईआर दर्ज की गई है और ना ही किसी जिम्मेदार के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की गई है, इससे साफ है कि सत्ता का संरक्षण पापी और अधर्मियों को है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि गैर जिम्मेदार जिला शिक्षा अधिकारी खुद ही कह रहे हैं कि परीक्षा का प्रश्न पत्र प्रिंटर ने अपनी मर्जी से छाप दिया जबकि प्रश्न पत्र तैयार करने का एक प्रिसक्राइब्ड प्रोटोकॉल होता है जिसमें शिक्षकों की कमेटी प्रश्न पत्र तैयार करती है, उसके अप्रूवल के बाद ही छपाई के लिए जाता है। जिम्मेदार अधिकारियों के बयान से यह साफ है कि कमीशन खोरी के लालच में नए अनुभवहीन प्रिंटर को प्रश्न पत्र छपाई का काम दिया गया है, पूरा शिक्षा विभाग वसूली गिरोह की तरह काम कर रहा है,

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मस्थली है, यहां के करोड़ हिंदू भगवान प्रभु श्री राम को भांचा स्वरूप में पूजा करते हैं और इसी आस्था से अपने-अपने भांचा का चरण स्पर्श करते है। छत्तीसगढ़ माता शबरी की भूमि है लेकिन कुत्ते के नाम का जो सवाल चौथी के बच्चों से छमाही परीक्षा के प्रश्न में पूछा गया और उसके विकल्प के तौर पर प्रभु श्री राम का नाम शामिल किया गया वह बेहद आपत्तिजनक है और उससे भी गंभीर आपत्तिजनक उक्त प्रकरण में सरकार का रवैया गैर जिम्मेदाराना है। पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने रामकाज किए राम वन गमन पथ के स्थलों में पर्यटक सुविधाएं विकसित की , धार्मिक आयोजन किये, गोठानों का प्रबंध कर गौ सेवा चालू की, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद गौ सेवा भी बंद हो गई और राम वन गमन पथ के काम दुर्भावना पूर्वक रोक दिए गए। यह सरकार गाय, गोबर और धर्म के नाम पर केवल राजनीतिक पाखंड करती है, रामकाज से इनका कोई सरोकार नहीं है। उल्लेखनीय है कि इस पूरे मामले में जिला शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button