नई दिल्ली : पेपर लीक मामले में युवाओं का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले मंगलवार को भी जंतर मंतर में बड़ी संख्या में छात्र एकजुट हुए. यहां जमकर नारेबाजी हुई. संसद में इन दिनों मानसून सत्र चल रहा है, ऐसे में संसद के आसपास पुलिस ने सुरक्षा चाकचौबंद कर दी है. उधर पहले उम्मीद लगाई जा रही थी कि जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद छात्रों का आंदोलन थम जाएगा लेकिन सीजेपी के नेताओं ने साफ कर दिया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हो जाता है वह जंतर मंतर नहीं छोड़ेंगे. हालांकि इस बीच बताया जा रहा है कि पीएम ने एनडीए सांसदों की बैठक में पेपर लीक पर चिंता जाहिर की है. उन्होंने इसे घोर पाप करार दिया है, पीएम ने कहा है कि इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई हुई है. उधर मंगलवार को किसान भी बड़ी संख्या में पंजाब से दिल्ली बॉर्डर पर एकत्र हो गए हैं. इससे पुलिस की चुनौती और बढ़ गई है. किसान खाद समेत अलग-अलग मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं. वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता शिफ्ट करने का आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि मेदांता उनके इलाज के लिए डॉक्टरों का एक पैनल बनाएगा. कोर्ट ने यह आदेश उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो की याचिका पर दिया है.
सोनम 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं. 18 जुलाई को सेहत बिगड़ने के बाद पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग हॉस्पिटल ले गई थी. सोनम की पत्नी ने कोर्ट में याचिका लगाकर उन्हें पसंद के अस्पताल में शिफ्ट कराने की मांग की थी.कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर- उल्लेखनीय है कि जंतर-मंतर पर मंगलवार को 32वें दिन प्रदर्शन जारी है. दोपहर 12 बजे तक हजारों की संख्या में आंदोलनकारी मौजूद हैं. सुबह कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने इन्हें नाश्ता बांटा.
मंगलवार सुबह जब सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस पहुंची तो CJP समर्थकों ने हाय-हाय के नारे लगाए. इससे पहले संसद मार्च के बाद दिल्ली पुलिस ने सोमवार की देर शाम को जंतर-मंतर खाली करा लिया था, लेकिन आंदोलनकारी देर रात फिर एकत्रित हो गए.

