नई दिल्ली : विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार में कैबिनेट विस्तार हुआ है। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार बड़े सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने की तैयारी में है। 6 नये मंत्रियों ने शपथ ली है। यहां उल्लेखनीय है कि यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। यूपी सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप कि कैबिनेट विस्तार पर प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा, बहुत अच्छा प्रयास है, सबका साथ, सबका विकास का संदेश हर समाज तक पहुंचे इसलिए मंत्रिपरिषद के विस्तार के माध्यम से ऐसे सभी समाजों को समाहित कर रही है जिन्हें सरकार में भागीदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा, अखिलेश यादव EVM को खत्म करने पर डटे हुए हैं और ईव्हीएम अखिलेश यादव और इंडी गठबंधन को खत्म करने में सफल हो रही है। अखिलेश यादव की ये जिद समाजवादी पार्टी को पतन की तरफ ले जा रही है, अखिलेश यादव अपनी कमियों को छिपाने के लिए ईव्हीएम का सहारा लेते हैं।
कैबिनेट विस्तार में इकलौते ब्राम्हण
किसी जमाने में अखिलेश यादव के भरोसेमंद रहे मनोज पांडेय को योगी मंत्रिमंडल में जगह मिलना तय माना जा रहा है। सपा सरकार में मंत्री रह चुके मनोज पांडेय रायबरेली की ऊंचाहार सीट से बीजेपी के विधायक और ब्राह्मण फेस हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने सपा को छोड़ भाजपा ज्वाइन की और बाद में खुलकर सपा से बगावत का ऐलान कर दिया।
जाट वोटबैंक पर नजर
कैबिनेट विस्तार में जाट वोटबैंक को भी साधने का प्रयास किया गया है। इस समुदाय का प्रमुख चेहरा भूपेंद्र चौधरी भी योगी मंत्रिमंडल में शामिल हो गए हैं। भूपेंद्र चौधरी पश्चिम यूपी का बड़ा जाट चेहरा माने जाते हैं और भाजपा के बड़े नेताओं में से एक हैं। आरएसएस से राजनीति में एंट्री करने वाले भूपेंद्र चौधरी यूपी के बीजेपी अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इसके अलावा भी उन्हें पार्टी में अहम जिम्मेदारियां मिली हैं।
पासी समाज को भी साधा
पासी समाज के मुख्य महिला चेहरे कृष्णा पासवान को भी योगी मंत्रिमंडल में जगह मिली है। कृष्णा पासवान बीजेपी की पुराने अनुसूचित जाति चेहरा हैं। कृष्णा पासवान फतेहपुर जिले की खागा सीट से विधायक निर्वाचित हुए हैं। पासी समाज को प्रतिनिधित्व देने और दलित वोट बैंक को मजबूत करने के लिए उनका नाम आगे चल रहा है।

