नई दिल्ली : भाजपा को एक बड़ा झटका लगा है, जिस नेता में भविष्य के राष्ट्रीय अध्यक्ष की छवि देखी जा रही थी. तमिलनाडु में भाजपा संगठन के लिए कड़ी मेहनत कर पार्टी का जनाधार तैयार करने वाले के. अन्नामलाई ने नितिन नबीन को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. जब चेन्नई एयरपोर्ट पर पहुंचे तो एक बात ने सबका ध्यान खींचा, उनकी गाड़ी पर बीजेपी का झंडा नहीं लगा था. के. अन्नामलाई मंगलवार को दिल्ली पहुंचे. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष से उनकी मुलाकात हुई.
दिल्ली रवाना होते वक्त चेन्नई एयरपोर्ट पर जब अन्नामलाई से बीजेपी छोड़ने और नई पार्टी बनाने की चर्चाओं के बारे में पूछा गया तो छोटा सा जवाब था, ‘इंतजार कीजिए. अब कयास लगाए जा रहे हैं कि वह नई पार्टी बनाएंगे. हालांकि अभी इस बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा. ‘ ध्यान देने वाली बात यह है कि अन्नामलाई ने अभी तक बीजेपी छोड़ने या अपनी नई पार्टी बनाने को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है. अन्नामलाई के समर्थकों ने प्रदेश में कुछ जगहों पर पोस्टर लगाकर अपने और अपने नेता के मन की बात बताने की कोशिश जरूर की है.
अन्नामलाई युवाओं और विशेष रूप से ज़ेन जी के बीच काफी लोकप्रिय हैं. वह 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं. इस्तीफा देकर राजनीति में प्रवेश किया. विधानसभा चुनाव के बाद तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष पद से उनको हटा दिया गया था. 2021 का तमिलनाडु विधानसभा चुनाव हार गए थे. 2024 के लोकसभा चुनाव में भी हार गए, और 2026 के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार तक नहीं थे – लेकिन, तमिलनाडु की सियासत में उनका एक बड़ा कद है.
उल्लेखनीय है कि अन्नामलाई के इस्तीफे के कयास उसी समय से लग रहे थे जब 2025 में उनकी जगह नैनार नागेंद्रन को तमिलनाडु बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था. दरअसल उनके एमजीआर और जयललिता पर दिए गए आक्रामक बयानों से एआईएडीएमके के साथ गठबंधन में तनाव बढ़ा था, जिसका नुकसान दोनों पार्टियों को हुआ. मदुरै सहित विभिन्न जगहों पर उनके समर्थकों ने पोस्टर लगाकर उनसे ‘अगला अवतार’ लेने और ‘तमिलनाडु को बचाने’ की अपील भी की, जिसे पार्टी विरोधी माना गया. इतना ही नहीं, कोयंबटूर में उनके जन्मदिन से पहले लगाए गए बड़े-बड़े पोस्टरों ने भी इस चर्चा को तेज कर दिया था.

