नई दिल्ली : सर्वोच्च न्यायालय में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई हुई. देश की सबसे बड़ी अदालत ने कहा कि छात्रों का प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और प्रदर्शन करना उनका संवैधानिक अधिकार है. सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने वालों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी.
साथ ही 18 साल से कम उम्र के उन प्रदर्शनकारियों को तुरंत रिहा करने का निर्देश दिया, जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि पहली नजर में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जरूरत दिखती है.
अराजक तत्वों पर कार्रवाई की मांग
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि छात्रों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन कानून तोड़ने वालों को सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने बताया कि 250 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. इस पर कोर्ट ने कहा कि स्वतंत्र जांच से प्रदर्शनकारियों और पुलिस, दोनों पक्षों के आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी. मामले की सुनवाई अब 3 अगस्त को होगी.

