अयोध्या : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने जांच चल रही है. बताया जा रहा है कि पुलिस ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय से पूछताछ की है. मिली जानकारी के अनुसार मंदिर ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय से सोमवार को पहली बार 3 घंटे तक पूछताछ की और इसके बाद उनका बयान दर्ज किया. पुलिस ने चंपत राय से प्रशासनिक निर्णय, चढ़ावा प्रबंधन कैसे होता था, कर्मचारियों की जवाबदेही और शिकायतों के समाधान से जुड़े सवाल पूछे.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चंपत राय ने कहा कि उनकी चढ़ावा चोरी में कोई भूमिका नहीं है. इसकी जानकारी मिलते ही वह सक्रिय हो गए और संदिग्धों को पकड़वाया.
मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि पुलिस से चंपत राय ने कहा कि उनकी चढ़ावा चोरी में कोई भूमिका नहीं है. बल्कि इसकी जानकारी मिलते ही वह सक्रिय हो गए और संदिग्धों को पकड़वाया. पुलिस ने जब पूछा कि रिश्तेदार या जानने वालों को काम पर किस तरह रखा गया? इस पर चंपत राय ने कहा, जरूरतमंदों को काम दिया. इसमें केवल मैं ही नहीं, ट्रस्ट के अन्य सदस्यों की भी भूमिका रही. अनिल व गोपाल राव का भी जिक्र किया.
यहां उल्लेखनीय है कि टिन्नू यादव जिसकी उम्र 51 साल है, उसका घर राम मंदिर से सिर्फ डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्वर्ग द्वार तुलसी पार्क के पीछे के मोहल्ले में स्थित है. साल 1988 में ओटीसी किया था और 1993 में विश्व हिंदू परिषद (VHP) जुड़ गया था. साल 2019 में जब राम जन्मभूमि का निर्णय आया, तब टिन्नू यादव को तत्काल मंदिर परिषद में सेवा में लगा दिया गया. राम मंदिर निर्माण के लिए जब ट्रस्ट का गठन कर दिया गया तब टिन्नू यादव की एंट्री हुई थी. टिन्नू यादव को चंपत राय का घनिष्ठ होने के कारण बड़ी जिम्मेदारियां मिलती रहीं. राम मंदिर परिसर में मैन पावर मैनेजमेंट का प्रमुख बन गया. मंदिर में आने वाले चढ़ावे को बैंक तक पहुंचाने की जिम्मेदारी टिन्नू यादव ही संभालता था.

