Site icon Hindustan Opinion

विधानसभा चुनाव से बिजली महंगी, योगी सरकार को घेर सकती है सपा

लखनऊ : यूपी में 2027 में विधानसभा चुनाव हैं, इससे पहले लोगों को बिजली की दरों में वृद्धि का करंट लग गया है. पेट्रोल-डीजल, सीएनजी के दाम बढ़ने के बाद अब प्रदेश में आम आदमी की जेब और ढीली होने वाली है. देश में पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल-डीजल, सीएनजी गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद अब उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच आम आदमी को एक और तगड़ा झटका लगा है, यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने बिजली बिल में 10 फीसदी एक्स्ट्रा चार्ज लगाने का निर्णय किया है, बताया जा रहा है कि अगले ही महीने से ही बिल बढ़कर आएगा.

कितना देना होगा अतिरिक्त शुल्क?

यह राशि फ्यूल सरचार्ज पर वृद्धि की वजह से बढ़ी है. जारी आदेश के मुताबिक जून महीने के बिजली बिल (UP Electricity Bill Hike 2026) बढ़कर आएगा. उपभोक्ताओं को बिजली बिल के अलावा 10 फीसदी अतिरिक्त राशि भी चुकानी होगी. बिजली विभाग के मुताबिक बिजली उत्पादन और खरीद में आने वाली अतिरिक्त लागत की भरपाई के लिए फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला लिया गया है. हैरानी की बात यह है कि ओर बिजली महँगी की जा रही है वहीं दूसरी ओर बिजली कटौती से लोग परेशान हैं.

भीषण गर्मी में उपभोक्ता पहले से ही बिजली संकट और अघोषित बिजली कटौती की समस्या से जूझ रहे हैं. ऐसे में बिजली बिल (UP Electricity Bill Hike 2026)  में 10 फीसदी अतिरिक्त भार पड़ने से आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ेगा.

उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को यूपी पॉवर कॉरपोरेशन ने बड़ा झटका दिया है. उपभोक्ताओं को अब जून महीने के बिल में 10 प्रतिशत अतिरिक्त बिल देना होगा. यह बिल फ्यूल सरचार्ज के नाम पर बिजली बिल में बढ़कर आएगा.

सवाल यह है कि जब पहले ही बिजली की भारी कटौती और बिजली किल्लत है, तो ऐसे समय में बिजलली की दर बढ़ाने का फैसला कैसे तर्कसंगत होगा. क्या इससे उपभोक्ताओं को दोहरा झटका नहीं लगा है. वह भी तब जब बिजली विभाग के अधिकारियों के रवैये से लोग परेशान हैं. कहीं ऐसा न हो कि योगी सरकार के इस फैसले से लोगों में नाराजगी और बढ़े.

Exit mobile version