नई दिल्ली : अपने सख्त तेवर और कानून व्यवस्था के मामले में जीरो कंप्रोमाइज के लिए पहचाने जाने वाले उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ का जलवा अब नेपाल तक फैल गया है. उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में चल रहे एक नेटवर्किंग धोखाधड़ी रैकेट से 453 नेपाली नागरिकों को यूपी पुलिस ने बचा लिया. इस ऑपरेशन को योगी की पुलिस ने नेपाली अधिकारियों के साथ तालमेल कर अंजाम तक पहुंचाया. अब भारत में स्थित नेपाली दूतावास ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार, यूपी पुलिस और ऑपरेशन में शामिल रहीं अन्य एजेंसियों का आभार जताया है.
नेपाली नागरिकों को शोषण से बचाया
यूपी के कुशीनगर की सीमा नेपाल से सटी है. यहां नेपाली नागरिकों का शोषण और धोखाधड़ी की घटनाओं की लगातार शिकायत मिल रही थी. इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यूपी पुलिस सक्रिय हुई. यूपी पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में कई जगहों पर छापेमारी की थी. यह बचाव अभियान उत्तर प्रदेश पुलिस, भारत सरकार की संबंधित एजेंसियों और एक गैर सरकारी संगठन (NGO) किन इंडिया (KIN India) ने मिलकर चलाया था.
अच्छी नौकरी का लालच देकर धोखाधड़ी
यूपी पुलिस को मिली इस कामयाबी से गदगद दिल्ली में स्थित नेपाल के दूतावास ने बकायादा प्रेस रिलीज जारी कर योगी सरकार को धन्यवाद कहा है. प्रेस रिलीज में बताया गया कि सोशल मीडिया के जरिए नेपाली नागरिकों को फायदेमंद नौकरी का लालच देकर भारतीय बॉर्डर एरिया में उनका शोषण किया जा रहा था. इस धोखाधड़ी के बारे में जानकारी मिलने पर नेपाली एम्बेसी ने उत्तर प्रदेश पुलिस, भारत सरकार की संबंधित एजेंसियों और एनजीओ किन इंडिया के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया.
नेपाली दूतावास ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार, उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग, नेपाल पुलिस के साथ ही उन सभी एजेंसियों का आभार जाताया जो इस पूरे ऑपरेशन में शामिल रहीं.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में अलग-अलग जगलों पर चलाए गए पुलिस ऑपरेशन के दौरान धोखाधड़ी के शिकार हुईं 115 महिलाओं और 338 पुरुषों सहित कुल 453 नेपाली नागरिकों को बचाया गया. उन्हें नेपाल के रूपनदेही के जिला पुलिस ऑफिस को सौंप दिया गया.

