पटना : बिहार में आखिरकार वही हुआ जो हिन्दुस्तान ओपिनियन ने अपनी ख़बर में बताया था। सम्राट चौधरी को एनडीए विधायक दल का नेता चुन लिया गया। वह बिहार के नये सीएम होंगे। बिहार में नीतीश युग समाप्त हो चुका है अब बिहार के नये चौधरी बन गए हैं सम्राट चौधरी। पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी के बेटे सम्राट चौधरी आठ साल पहले ही भाजपा में शामिल हुए थे, अब वह सीएम पद पर विराजमान होंगे। सम्राट चौधरी आरजेडी और जेडीयू में भी शामिल रहे। इससे पहले वह राबड़ी देवी और मांझी सरकार में भी मंत्री रहे। वह एक कद्दावर और बेहतरीन प्रबंधक नेता माने जाते हैं।
राबड़ी देवी की सरकार में तो वह सबसे युवा मंत्री रहे। उन्हें लालू यादव का बेहद करीबी माना जाता था। इसके बाद वह जीतन राम मांझी सरकार में मंत्री बने, यहां जीतन राम मांझी के वह सबसे भरोसेमंद मंत्री रहे। राजनीति में उन्हें युवा मौसम विज्ञानी भी कहा जाता है। कब किसकी हवा बह रही है इसका उन्हें ठीक उसी तरह भान हो जाता है जैसे कभी राम विलास पासवान और चौधरी अजीत सिंह को हो जाया करता था। सम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी भी दिग्गज राजनेता रहे हैं। समता पार्टी और आरजेडी में वह शामिल रहे। विधायक से लेकर सांसद तक बने। उनकी मां पार्वती देवी भी विधायक रही हैं।
सम्राट चौधरी की पत्नी ममता कुमारी हैं। वह पेशे से अधिवक्ता हैं। लेकिन राजनीतिक मामलों में उनका दखल बहुत कम रहता है। हालांकि सम्राट चौधरी के इलेक्शन कैंपने के दौरान उनकी सक्रियता देखने को मिली थी। उनके दो बच्चे हैं एक बेटा और एक बेटी । बेटे का नाम प्रणय और बेटी का नाम चारू है। ममता कुमारी समाजेसी के रूप में अक्सर वंचितों की सेवा करते हुए देखी जाती हैं।

