रायपुर : डीएड अभ्यर्थियों की सहायक शिक्षक पद पर नियुक्ति की मांग का समर्थन करते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि डीएड अभ्यर्थियों सहायक शिक्षकों की 2300 से अधिक पद नियुक्ति की मांग को लेकर माना तूता धरना स्थल पर भरी गर्मी में 137 दिनों से आंदोलन पर है। लंबे समय से चल रहे आंदोलन के कारण अभ्यर्थियों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। मानसिक तनाव एवं खुले में रात-दिन आंदोलन करने के कारण मौसम का दुष्प्रभाव पड़ रहा है, आंदोलनकारियों की तबियत खराब हो रही है। काजल तिर्की, के बाद शैलेन्द्र साहू की तबियत खराब हुई, ऑपरेशन हुआ है। आंदोलकारियों ने सरकार तक अपनी बात पहुँचाने जल सत्याग्रह, अंगार में चलना, दण्डत्व यात्रा, मुख्यमंत्री निवास घेराव सहित नाना प्रकार के प्रदर्शन कर चुके है लेकिन सरकार उनकी मांगों पर आखिर संवेदनशीलता से विचार क्यों नहीं कर रही है? जबकि सहायक शिक्षकों के 2300 पदों पर डीएड अभ्यर्थी को नियुक्ति देने का कोर्ट का भी आदेश है। सरकार आखिर उनकी नियुक्ति क्यों नहीं कर रही है? वैसे भी स्कूलों में शिक्षकों की 60 हजार से अधिक पद रिक्त है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा ने युवाओं को वादा किया था 1 लाख सरकारी नौकरी और 57 हजार शिक्षकों की भर्ती की जायेगी। ढाई साल में एक भी शिक्षक की भर्ती नहीं हुई, न अन्य विभागों में नौकरी लगी है। ये जो डीएड के अभ्यर्थी है ये तो परीक्षा देने के बाद चयनित हुए है। कोर्ट के आदेश के बाद 2300 पदों पर नियुक्ति देनी है। कांग्रेस मांग करती है सरकार हठधर्मिता छोड़कर डीएड अभ्यर्थियों के मांगों को तत्काल पूरा करे। आंदोलन के दौरान बीमार पड़े अभ्यर्थियों का उचित इलाज करवाया जाये। आंदोलन को समाप्त करवाया जाये।

