नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को एक और सेवा विस्तार नहीं मिल पाया है. हालांकि उन्हें मोदी सरकार ने बड़ा दायित्व सौंपते हुए नीति आयोग का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है. मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव के रूप में उनका वर्तमान कार्यकाल 31 अगस्त 2026 तक निर्धारित है.
केंद्र सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने 22 जुलाई को जारी आदेश में 1989 बैच के आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को नीति आयोग का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है. आदेश के मुताबिक वह पदभार ग्रहण करने की तिथि से अपना कार्यभार संभालेंगे. उनका कार्यकाल उनकी स्वीकृत सेवा-विस्तार अवधि तक और उसके बाद अधिकतम दो वर्ष अथवा अगले आदेश तक रहेगा, जो भी पहले हो. अनुराग जैन मूल रूप से 31 अगस्त 2025 को सेवानिवृत्त होने वाले थे, लेकिन केंद्र सरकार ने उन्हें सेवानिवृत्ति से ठीक पहले एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया था. इसके बाद उनका वर्तमान कार्यकाल 31 अगस्त 2026 तक निर्धारित है. वर्तमान में निधि छिब्बर नीति आयोग की सीईओ हैं.
पिछले कुछ सप्ताह से यह चर्चा चल रही थी कि क्या उन्हें मुख्य सचिव के रूप में एक और सेवा विस्तार मिलेगा या राज्य को नया मुख्य सचिव मिलेगा. अब नीति आयोग के सीईओ के रूप में उनकी नियुक्ति के बाद यह अटकलें पूरी तरह समाप्त हो गई हैं. अनुराग जैन अक्टूबर 2024 में मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव बने थे. इससे पहले वे केंद्र सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में संयुक्त सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य कर चुके हैं.
उनके कार्यकाल के दौरान सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी, नौकरशाही में बेहतर समन्वय और केंद्र व राज्य सरकार के बीच मजबूत तालमेल को उनकी प्रमुख उपलब्धियों में माना गया. सीएम डॉ. मोहन यादव के साथ उनकी दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से लगातार हुई बैठकों को भी उनके सेवा विस्तार की एक अहम वजह माना गया. ग्वालियर निवासी अनुराग जैन ने आईआईटी खड़गपुर से बीटेक और अमेरिका के मैक्सवेल स्कूल से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है. वह भोपाल कलेक्टर, अपर मुख्य सचिव (वित्त) और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सचिव के रूप में भी कार्य कर चुके हैं.

